सितारों से जगमगाते ख्वाब…..

Gaurav Sangtani मोहब्बत पलकों पे कितने हसीं ख्वाब सजाती है.. फूलों से महकते ख्वाब.. सितारों से जगमगाते ख्वाब.. शबनम से बरसते ख्वाब.. फिर कभी यूँ भी होता है की पलकों की डालियों से ख्वाबों के सारे परिंदे उड़ जाते हैं और आँखें हैरान सी रह जाती हैं. - जावेद अख़्तर... [पूरी पोस्ट]
writer Gaurav Sangtani

dreamsख्वाब

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[01 Sep 2007 02:39 AM]

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