धुआँ अभी बाक़ी है……….
बहुत पहले लिखा था ये शेर, आज फिर याद आ रहा है…..
आग बुझ गयी, पर धुआँ अभी बाक़ी है.
हम कहते हैं इश्क़ नहीं, पर नशा अभी बाक़ी है.
नशे का क्या है, ये तो उम्र भर रहेगा.
शुक्र है खुदा का, जान अभी बाक़ी है.
- गौरव संगतानी...
[पूरी पोस्ट]
Gaurav Sangtani
dreamsgauravख्वाब
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[02 Sep 2007 07:37 AM]



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