जादूगरी

Gaurav Sangtani ये कैसी है तेरे इश्क की जादूगरी, अभी तू यहीँ है और नहीं अभी | अभी तुझसे मिलकर हँसे थे हम, अभी तुझे खोकर रो दिये भी | तू ही तन्हाइयोँ में साथ मेरे, तू ही भीङ में करे तन्हा | तू ही तो ख्वाबोँ में है मेरे, तू ही रातों को जगाये भी | य... [पूरी पोस्ट]
writer Gaurav Sangtani

Blogrolldreamsgauravख्वाब

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[10 Oct 2007 15:01 PM]

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