छलकना छोङ दे
बहुत पहले लिखा था ये शेर, आज भी दिल के बहुत करीब है…..!
तेरी हर बात मानी है हमने,
अब ये ना कहना ऐ दिल धङकना छोङ दे |
दिल है तो धङकेगा,
दर्द होगा,
आँसू भी होंगे,
आँखों से ना कहना छलकना छोङ दे….!
- गौरव संगतानी...
[पूरी पोस्ट]
Gaurav Sangtani
ख्वाब
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[05 Feb 2008 14:38 PM]



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