तेरा गम
हो गयी है शाम, तेरी याद आ रही है |
हर तरफ है धुन्ध, हर आस जा रही है ||
खो गया है अब तो मेरा खुद का वजूद भी,
ना जाने किस लिहाज़ से ये सांस आ रही है||
तेरे दिए गम के साथ ही जिए जा रहा हूँ,
कैसे कर लूँ यकीन तेरी तरह छोड़ के ना ज...
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Gaurav Sangtani
dreamsgauravख्वाब
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[26 Apr 2008 13:48 PM]



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