वादियां... मेरी आवारगी की कहानी IX
वादियां- मेरी आवारगी की कहानी की पिछली कड़ियां पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें- ये ढलान है. दूसरी निगाह से देखो तो चढ़ाई भी कह सकते हो. दो रास्ते हैं और दोनों की ओर निगाहें भी लगी हैं. देव को लौटना है. बिट्टू को भी. देव अभी देहरादून जाएगा और फिर वहां से...
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देवेश वशिष्ठ ' खबरी '
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[04 Sep 2008 07:20 AM]



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