एक हवेली, एक कहानी

श्री कृष्णम् समर्पयामी पुरानी हवेलियां बूढ़ी औरतों की तरह होती हैं. इठलाते बचपन की तरह किसी ने उन्हें प्यार से उठाया. जवान अल्हड़ नक्काशियां की. उनकी चुनरी पर धानी, नीले, लाल, और चटख रंग भरे. उन नशीली हवेलियों ने वो दौर भी देखा जब बुढ़ापे में उनके दरवाजे की रौनक कम होने लग... [पूरी पोस्ट]
writer देवेश वशिष्ठ ' खबरी '

खोज-खबर

views
11
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[15 Sep 2008 09:58 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix