ख़तरे में साहित्य अकादमी की स्वायत्तता
पंकज बिष्ट वरिष्ठ कथाकार और समयांतर पत्रिका के संपादक पंकज विष्ट लगातार साहित्य अकादमी में चल रही अनियमितताओं की पोल खोलते रहे हैं. इस बार वो बता रहे हैं कि कैसे अकादमी की स्वायत्तता को एक व्यक्ति अपनी जेब में रखने की कोशिश कर रहा है. इस लेख को समयां...
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पंकज बिष्ट
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[05 Jan 2008 11:44 AM]



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