रिश्ता

कॉफी हाउस तुम मुझे अच्छी लगी मैंने चाहा कि तुम्हारी सद्इच्छाएं मुझे मिलें तुम मुझे बहन की तरह लगी. तुम मुझे अच्छी लगी मैंने चाहा कि तुम्हारे कांपते ओठों को चूम लूं तुम मुझे प्रेमिका की तरह लगी तुम मुझे बहुत अच्छी लगी मैंने तुम्हें ना कभी बहन कहा, ना कहा प्रेमि... [पूरी पोस्ट]
writer bhupen

कविताएं

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[31 Dec 2007 21:49 PM]

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