अन्यथा ..........

आर्जव सब कुछ तुम्हारा ही है ! मेरी जीत , मेरी हार मेरी वासनाएं ,आकांक्षाए मेरे पाप ........... सब कुछ तुम्हारा ही है ! मेरे मद , मेरे मोह मेरी उद्विग्नताये , व्यग्रताएं मेरा अस्तित्व .......... सब तुम्हारा ही है ! मेरा क्रोध , मेरा प्रेम मेरी उदघोशनाए , गर... [पूरी पोस्ट]
writer Aarjav
views
10
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[03 Oct 2009 04:33 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix