शिक्षक,छात्र और बजारू सम्मान
समाज में शिक्षकों का सम्मान आदिकाल से चला आ रहा है। अब यह सम्मान औपचारिकता भर रह गया है। बाजार वाद को भी इसके लिए जिम्मेदार माना जा सकता है। इसने मानवीय संवेदनाओ तथा नैतिक मूल्यों पर प्रतिकुल प्रभाव डाला है। शिक्षा व्यवस्था भी बाजार के अधिपत्य में आ...
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EDHAR HAI
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[04 Sep 2009 03:47 AM]



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