चुभन(तीसरा भाग)

Hindi short stories, poetry and blogs रजत हर वक्त शगुना से बात करने का यत्न करता, लेकिन वह कन्नी काटकर निकल जाती |आखिरकार वे दोनो जब कमरे में अकेले हुए तो रजत ने उसे अपनी ओर खींचकर पूछा,” शगु! कैसी हो ? पूछोगी नहीं कि मैं कैसा हूँ” शगुना ने झट उसकी बाहों को परे हटाते हुए... [पूरी पोस्ट]
writer Veena
views
20
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[07 May 2009 04:14 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix