बुरा मानो होली है…
भांग के नशे में लिखी उटपटांग पंक्तिया...सभी नामों से पहले आदरणीय और अंत में जी लगाकार पढ़े...मुझे कोई ऐतराज नहीं है अगर कोई बुरा मानता है...सबको अधिकार है....बुरा मानो भाई, होली है ;) होली का त्योंहार चिट्ठा-जगत ने मिलकर खूब मनाया हर चिट्ठाकार...
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गिरिराज जोशी
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[09 Sep 2007 03:37 AM]



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