मसिजीवी भाई! पहले “हिन्द-युग्म” को समझिये
आपने अच्छा लिखा है ... मगर आप एक जगह चूक गये, अच्छी पड़ताल नहीं की। आपने यह देखा कि “हिन्द-युग्म” 1000 से अधिक दैनिक पाठक होने का दावा करता है, आपने शैलेश से बात की ओर उसे समझने की कोशिश भी की, अच्छी बात है! मगर यदि आप हिन्द-युग्म के गोदाम में एक नज़र...
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गिरिराज जोशी
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[11 Feb 2008 09:04 AM]



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