सुनाओ अपना हाल जी,मुबारक नया साल जी.
सुनाओ अपना हाल जी, मुबारक नया साल जी तुम्हारी बढती तोंद क्यों? हमारे पिचके गाल जी. तुम तो खाऒ हलवा-पूरी मजा न आये बिन अंगूरी इच्छा हो जाये सारी पूरी हमको रोटी-दाल जी सुनाओ अपना हाल जी मुबारक नया साल जी. कॆसे मोटे हो गये लाला? देश का क्यों निकला दिवाल...
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विनोद पाराशर
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[09 Dec 2008 23:56 PM]



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