्सुख ऒर दु:ख

नया घर हम- यह जानकर बहुत सुखी हॆं कि-दुनिया के ज्यादातर लोग हमसे भी ज्यादा दु:खी हॆं. पिता- इसलिए दु:खी हॆ- कि बेटा कहना ही नहीं मानता बेटे का दु:ख- कॆसा बाप हॆ? बेटे के जज्बात ही नहीं जानता. मां- इसलिए दु:खी हॆ- कि जवान बेटी रात को देर से घर आती हॆ बेटी का... [पूरी पोस्ट]
writer विनोद पाराशर
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[19 Oct 2008 10:31 AM]

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