वो कवितायें, जो मुझे प्रिय रही हैं !
अब तक आपने पढ़ा.. “ वायसराय ने जब हम काकारी के मृत्युदण्ड वालों की दया प्रार्थना अस्वीकार की थी, उसी समय मैने श्रीयुत मोहनलाल जी को पत्र लिखा था कि हिन्दुस्तानी नेताओं को तथा हिन्दू-मुसलमानों को अग्रिम कांग्रेस पर एकत्रित हो हम लोगों की याद मनाना चाहि...
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डा. अमर कुमार
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[05 Aug 2009 15:18 PM]



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