यदि आदि तुझसे है तो अंत भी तुझी से है .......

कुछ सोंचा कुछ बाक़ी है । इस समय मुझे ये नहीं पता की तूं खाना खा रही है या सोनें की तयारी कर रही है अथवा गाय के साथ लुका छिपी खेल रही है क्योंकि रात्रि के ९ बज गए है और रेडियो के "माइ ऍफ़ एम् " पर चांदनी रातें" कार्यक्रम सुरु हो गया है। इस चैनल पर प्रायः पुरानें गीत ही अधिक... [पूरी पोस्ट]
writer anilpandey
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[30 Aug 2008 05:13 AM]

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