दौर-ए-मिलावट

कछु ह‍मरी सुनि लीजै मेल-जोल, मेल-मिलाप और मिलावट एक जैसे दीखने वाले शब्‍द हैं। पर मेल-जोल और मेल-मिलाप से लोग खुश होते हैं और मिलावट पर नाक-भौं सिकोड़ते हैं। कहते हैं मिलन अच्‍छा है, मिलावट ग़लत है। मिलन को असली बताते हैं और मिलावट को नकली से जोड़ देते हें।  अब कोई... [पूरी पोस्ट]
writer डॉ. कमलकांत बुधकर
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[28 Aug 2009 08:38 AM]

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