मां

चौपाल मां कितनी याद आती है मां बार-बार याद आती है मां घर छोड़कर शहर तों आ गया पर बिन तेरे रह नहीं पाता मां याद आती हैं तेरे हाथ की बनी रोटियां और तेरा दुलार कितना अच्छा होता कि गाँव में ही मिल जाता रोजगार ताकि कभी दूर न होते तेरी ममता कि छांव और प्यार।... [पूरी पोस्ट]
writer अवाम
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[24 Jan 2009 05:28 AM]

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