मै और तुम

मन पखेरू फ़िर उड़ चला एक औरत और नदी में क्या अन्तर है? क्या उसका अपना अस्तित्व बाकी रहता है समुन्दर रूपी पुरूष से मिलकर ? क्या विवाह के बाद भी वह, वह रह पाती है जो पहले थी? क्यों उसे ही बदलना पड़ता है, यहाँ तक की जन्म से जुड़ा नाम तक बदल जाता है... - मै और तुम- -बँध गये हैं... [पूरी पोस्ट]
writer सुनीता शानू
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[01 Dec 2008 10:21 AM]

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