मौसी
बरसों से प्यासी धरती पर उगा हो जैसे नन्हा पौधा, बड़े प्यार से उसने मुझको मौसी माँ जैसी जब बोला... हुई सरसराहट कानों में तब जैसे अमृत सा रस घोला, लगा अंक से मैने उसको जब प्यार से बेटा बोला... एक जन्म का नही ये रिश्ता लगता है सदियों पुराना, जन्मा नही है...
[पूरी पोस्ट]
सुनीता शानू
मेरा बेटा...
8
0
0
0
0
[06 May 2008 06:57 AM]



Shuffle








