भगवान महावीर और शिष्य गोशालक

kavyakala यह लघु कथा ओशो रजनीस की पुस्तक India My Love से ली गई है। एक बार भगवान महावीर और उनका एक शिष्य गोशालक एक गांव से गुजर रहे थे। भगवान गोशालक को समझा रहे थे कि जितना ही तुम इस अस्तित्व, इस सृष्टि के प्रति उत्तरदायी होगे उतना ही तुम अपनी आत्मा के निकट आओ... [पूरी पोस्ट]
writer Laxmi N. Gupta
views
9
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[06 Aug 2009 12:15 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix