ज़ख्मो को न आँचल से हवा दो
ज़ख्मो को न आँचल से हवा दो गर कुछ दे सकते हो वफ़ा दो गरीब के बीमार बच्चे को रोटी दो न की दवा दो बेशर्म हो चली जिंदगी पर रहम करो रहनुमाओ , हया दो तानाशाही में कुचलते आदमी को हा ! आम आदमी को जुबा दो विद्रोह कर उठे जुलम के खिलाफ उसे हिम्मत दो न की सज़ा द...
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Rahul kundra
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[10 Jul 2009 05:14 AM]



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