ज़ख्मो को न आँचल से हवा दो

duniyakalamkinazarse ज़ख्मो को न आँचल से हवा दो गर कुछ दे सकते हो वफ़ा दो गरीब के बीमार बच्चे को रोटी दो न की दवा दो बेशर्म हो चली जिंदगी पर रहम करो रहनुमाओ , हया दो तानाशाही में कुचलते आदमी को हा ! आम आदमी को जुबा दो विद्रोह कर उठे जुलम के खिलाफ उसे हिम्मत दो न की सज़ा द... [पूरी पोस्ट]
writer Rahul kundra
views
7
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[10 Jul 2009 05:14 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix