आपसे प्यार होता जाता है
आपसे प्यार होता जाता है कम दुश्वार होता जाता है अक्ल करती है जितनी तदबीरे इश्क बीमार होता जाता है कोई लग्जिश न यार हो जाए शौक आजार होता जाता है जिस कदर हाल - ऐ - दिल छुपाते है साफ इज़हार होता जाता है ज़ख्म - ऐ - एहसास की खलिश से ' अदम ' फूल भी खर होत...
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Rahul kundra
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[22 Jul 2009 01:34 AM]



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