गमों के शेर-हिंदी कविता (gamon ke sher-hindi sahityak kavita)

दीपक भारतदीप की शब्द प्रकाश-पत्रिका बेजान चीजों के इश्क ने अपने ही रिश्तों में गैर का अहसास घोल दिया है। किसी से दिल लगाना बेकार लगता है दोस्ती को मतलब से तोल दिया है। हर तरफ चलती है मोहब्बत की बात आती नहीं कभी चाहने की रात सुबह से शाम तक तन्हा गुजारता इंसान तड़ता है अमन के पलों के लिये... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप
views
4
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[31 Aug 2009 12:34 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix