गुरुद्वारों में घटी संगत
वियना कांड और उसके बाद भारत में हुए अरबों की संपत्ति के नुक्सान ने एक बार अच्छी तरह साफ़ कर दिया है कि सिख पंथ के ध्वजवाहक किस हद तक गिर चुके हैं। इतने कि इस पंथ में निस्वार्थ विश्वास रखने वालों को अपने पंथ पर शर्म आने लगी है और गुरुद्वारे में जाने स...
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रजनीश मंगला
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[05 Jul 2009 13:28 PM]



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