फ़हमीदा रियाज की नज्‍म नया भारत (Naya Bharat by Fahmida Riyaz)

DHAI AKHAR ढाई आखर कुछ लोगों को लगता है कि पड़ोस में कुकर्म हो रहा है, तो वे भी अपने यहाँ कुकर्म करने के हकदार हो गए हैं। अगर आप अपने यहाँ के कुकर्म के बारे में आवाज उठा‍इए तो वे कहेंगे, पड़ोस का कुकर्म नहीं दिखाई देता। यानी इनका कुकर्म एक वाजिब कर्म हो गया क्... [पूरी पोस्ट]
writer Nasiruddin
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[09 Jul 2008 09:19 AM]

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