पेट में दाना नहीं, खाली है थाली (Flood in Bihar-4)
तैरने वाला समाज डूब रहा है। बिहार के बाढ़ में फँसे मुसीबतज़दा लोगों को हम सबसे मदद की दरकार है। उनकी आँखें हमसे सवाल कर रही हैं- क्या हमें जीने का हक नहीं है। क्या हम जिंदा नहीं रह पाएँगे। कोशिश की जाए तो बूँद-बूँद से सागर बन जाता है। हम इनकी मदद क...
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Nasiruddin
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[07 Sep 2008 07:45 AM]



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