ईद के मौके पर गांधीगीरी

DHAI AKHAR ढाई आखर ऐसी न शब्‍बरात न बकरीद की खुशी, जैसी है हर दिल में इस ईद की खुशी।। नजीर अकबराबादी की ये दो लाइनें ईद की अहमियत बताने को काफी हैं। ईद से पहले एक महीना होता है- रमजान। रमजान यानी इबादत, संयम, विवेक, खुद पर काबू रखने की सलाहियत पैदा करना,  अप... [पूरी पोस्ट]
writer Nasiruddin
views
9
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[02 Oct 2008 03:36 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix