मगर तेरा ख्वाब कोई दूसरा है

अभिव्यक्ति क्या बताये हम कि क्या हुवा है सुलगता हुवा दिल का आशिया है कही दम घुट ना जाए सीने मे हर एक सिम्त धुवा ही धुवा है वादों -कसमो कि लाज रखनी है हम कैसे कह दे कि तू बेवफा है मुझको ना यादो पे यकी है अब ख्यालो से तो अपना सिलसिला है मेरे दिल मे तेरी चाहत है अ... [पूरी पोस्ट]
writer gargi gupta
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[01 Sep 2009 02:42 AM]

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