रिक्त

शब्‍दार्थ शब्द, आंसू और क्रोध अब कुछ नहीं बचा है इस मन में। रिक्त हो गया है ये अब तो। क्या कहूँ, किससे कहूं! हर कन्धा तो आंसुओं से भीगा हुआ है। (चित्र आभार )... [पूरी पोस्ट]
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[28 Nov 2008 05:19 AM]

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