पंद्रह अगस्त - क्या भूल गए क्या याद रहा
मैं बच्चा था एक वर्ष का, जब पंद्रह अगस्त आया था, आधी रात सूरज निकला था, माँ ने मुझको बतलाया था, आजादी के रंग में रंग कर, नया तिरंगा फहराया था, कई सदियों के बाद आज फिर, भारत माता मुस्काई थी, कितने बच्चों की कुरबानी देकर यह शुभ घडी आई थी. रंग-बिरंगे वस...
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Suresh Chnadra Gupta
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[14 Aug 2009 00:37 AM]



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