बहुरंगी चिरई अउरी तेनालीराम
राजा कृष्णदेव राय पसु-पछियन के बहुते परेमी रहने। उनकरा नया-नया जीव-जानवरन के पलले के सौख रहे। एकबेर के बाति हS की एगो चिरई बेंचेवाला एगो बहुरंगी अउरी बहुते सुन्नर चिरई ले के उनकरी राज-दरबार में पहुँचल अउरी ओ चिरई के उनके देखवलसि। जब राजा कृष्णदेव राय...
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प्रभाकर पाण्डेय
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[26 Jun 2009 10:21 AM]



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