LOVE STORY # 478: जब वह लौट कर उस तक पंहुचा तो एकबारगी लगा वह जा चुकी है
एक दोस्त ने ये कहानी भेजी है. नाम न बताने की हिदायत के साथ) वह बहुत दिनों से पार्क में बैठा था. घड़ी देखी. शाम के सात बज रहे थे, पर सूरज डूबा नहीं था. बल्कि चमक रहा था जैसे दोपहर अभी ढली न हो. यूरोप में ये गर्मियों का मौसम था. वीकेंड था इसलिए पार्क म...
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आस्तीन का अजगर
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[13 Nov 2008 02:17 AM]



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