LOVE STORY # 476: कुहासे में गड्डमड्ड सपने की याद में वह एक सिगरेट जलाता है. सपने के कुहासे में धुंआ छोड़ता हुआ.
यहां आओ और बैठ जाओ, बेटे. वह अपने पिता के पास बैठ गया. वे सोने जा रहे थे. मां पास में बैठी है. ‘तुम इतनी स्मोकिंग क्यों कर रहे हो’, उन्होंने पूछा. बहुत सारी घनी चुप्पी. छुए जा सकने वाले कुहासे की तरह. नवम्बर का महीना. ‘पापा वह मर रही है’, उसने कहा. ‘...
[पूरी पोस्ट]
आस्तीन का अजगर
8
0
0
0
0
[17 Nov 2008 15:48 PM]



Shuffle








