ऐ मेरी काली माटी ,वीर प्रसूता,तू कभी बाँझ मत होना ! धन्य हे मेरे देश.
नरहरि पटेल मध्य-प्रदेश के प्रमुख शहर इन्दौर के बाशिंदे हैं. मालवा उनका मादरे-वतन है.वे यहाँ की लोक संस्कृति,संगीत,गीत नाट्य के वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी के रूप में जाने जाते हैं..मालवी ग़ज़लों पर नरहरिजी ने बहुत शिद्दत से काम किया है. अब तक उनके आठ मजमुए शा...
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sanjay patel
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[14 Aug 2008 22:39 PM]



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