ज़माने को बार-बार याद करना होगा कि उसका पहला और आखरी बंधन भाषा है

joglikhisanjaypatelki ये ललित निबंध लिखा है जाने माने साहित्यकार और चित्रपट संगीत पर अदभुत शब्दलोक के रचनाकार श्री अजातशत्रु ने. सन 2001 में खंडवा से प्रकाशित नवगीत एवं ललित निबंध की पत्रिका अक्षत में मैंने इसे पढ़ा तो लगा कि लेखन पर एक नज़रिया ये भी हो सकता है. आप भी पढ़िये... [पूरी पोस्ट]
writer sanjay patel
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[01 Sep 2008 23:30 PM]

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