गुणीजनों हो सके तो मुझे माफ़ करना.
मुझे क्या आता है ? भीमसेन जोशी के भारतरत्न होने पर एक आदरांजलि शब्दों का अतिरेकी जंजाल और सुने सुनाए संस्मरण वह तो नहीं आता जो पंडितजी के कंठ से झरता है रज़ा के रचना संसार और उनकी कूँची का प्रवाह जिसकी समीक्षा कर मैं आत्मप्रवंचना से भर जाता हूँ वह तो...
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sanjay patel
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[10 Nov 2008 09:11 AM]



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