विवाह समारोहों में ख़त्म हो रही आत्मीयता,बढ़ता जा रहा भौंडापन !

joglikhisanjaypatelki इन दिनों विवाह समारोहों की धूम रही. एक विचित्र बात इन समारोहों में ये देखने में आई कि सर्वत्र आर्थिक मंदी का ढोल बज रहा है लेकिन ब्याह-शादियों के ये प्रसंग इसका अपवाद ही कहे जाने चाहियें.बेतहाशा पैसा ख़र्च होता है इनमें.डेकोरेशन हो,संगीत हो या व्यंजन... [पूरी पोस्ट]
writer sanjay patel
views
11
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[27 Nov 2008 07:28 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix