उसे छू ना सकोगे

कुमार आशीष वो जगह हलचल जहां कोई नहीं है है दिलों के बीच दिल के तार जुड़ते हैं जहां आपस में उसका अक्‍स उसके नक्‍श हर दिल में निहां हैं.. ..उसे छू ना सकोगे इस तरह विस्‍फोट करके तुम ..जो कुछ तुम सोचते हो.. क्‍या उसे झकझोर पाओगे.. कंटीली झाडि़यों की तरह बस झर जाओगे... [पूरी पोस्ट]
writer
views
14
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[24 Nov 2007 04:45 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix