निगहबां

कुमार आशीष मैं चाहता हूं ये हो साथ साथ वो भी हो पर जिसमें रजामंदी हो मर्जी भी तेरी हो हमको बताइये कि हम हों गुनहगार क्‍यूं अच्‍छा हो या बुरा हो निगहबां तो तुम ही हो।... [पूरी पोस्ट]
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[26 Apr 2008 02:46 AM]

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