पर्दाफाश
दहक रहा है देश स्वार्थपरताओं के चलते ठगी खड़ी है मानवता बस हाथों को मलते हिंसा नंगी नाच रही है हौव्वा बन करके अपनी परछाईं से सहमे कटते रहो..मरो.. ... या बढ़कर आतंकवाद का पर्दाफाश करो।...
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[28 Nov 2008 07:24 AM]



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