GAZAL

राही मासूम रज़ा का साहित्य इक्का वालों में से इक ने उनको दिया रुपैया और कहा यह इनसे दिल्ली से आयेगा पहिया उन दोनों का हश्र हुआ क्या यह न किसी ने जाना उसके बाद न फिर उन दोनों को दुनिया ने देखा जाने कब तक राह तका की राह उन्हें मतवालन की सुनो भाइयो, सुनो भाइयो, कथा सुनो सत्तावन क... [पूरी पोस्ट]
writer डा. फीरोज़ अहमद
views
7
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[10 Mar 2009 03:54 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix