मां आज भी करती है जिऊतिया

भूख आस्था सुरेंद्र दीप की एक कविता मां, मनाती आ रही है वर्षों से जिऊतिया का पर्व इस विश्वास के साथ कि होंगे भगवान खुश उसके अन्न जल ग्रहण न करने से और देंगे उसकी संतानों को एक लंबी उम्र बचाएंगे आने वाली मुसीबतों से वह शास्त्रों के पचड़े में नहीं पड़ती उसक... [पूरी पोस्ट]
writer Satyendra Prasad Srivastava
views
8
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[25 Sep 2008 01:29 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix