मत करो जज्बे को सलाम!
टेलीविजन पर बारूद की गंध नहीं आती लेकिन जेहन पर इसका जबर्दस्त असर है। टेलीविजन के पर्दे पर सिर्फ दिखता है धुआं, गुबार, आग। टेलीविजन के सामने बैठते दम घुटता है। बारूद का धुएं की गंध नाक से होते हुए सीधे दिमाग में उतर जाता है। आसपास कहीं धुआं नही, सिर्...
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Satyendra Prasad Srivastava
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[01 Dec 2008 09:40 AM]



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