फ़ुटकर शे‘र नं ११- हैं बहुत नाजुक मगर
हैं बहुत नाजुक मगर डरते नहीं हैं आइने फ़र्क शाहो बांदी में करते नहीं हैं आइने टूट जाते हैं बिखर जाते है फ़िर भी दोस्तो अक्स दिखलाने से तो हटते नहीं हैं आइने i ईता दोष गज़ल में दूर कर लिया है मे रा एक औ र ब्लॉग http://katha-kavita.blogspot.com/ my anothe...
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श्याम सखा 'श्याम'
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[28 Dec 2009 23:16 PM]



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