इन्सान बने रहना … इतना मुश्किल तो नहीं?!
एक बँधी हुई लीक और सामन्ती मर्यादा के गोल-गोल दायरे… इन्हीं पर चलते हैं लोग चलने की सीख देते हैं लोग! किन्तु… बँधी हुई लीक को तोड़ना- सामन्ती मान-मर्यादाओं के दायरे से बाहर आना और एक इन्सान के नजरिए से सोचना… मेरा कहना है- पुलिस की वर्दी...
[पूरी पोस्ट]
अशोक कुमार
22
0
0
0
3
[27 Dec 2009 19:01 PM]



Shuffle








