गुजरते साल के अंतिम दिनों में

ख्वाहिशें ऐसी लेखक गुरूचरण दास की नई किताब "द डिफिकल्टी ऑव बीइंग गुड" पर चर्चा थी। धर्म का सूक्ष्म चेहरा क्या है? पांडव तो अच्छे थे, लेकिन उन्हें जुए में धोखे से हराया गया। राजपाट गया। जंगल में रहना पड़ा। द्रोपदी अपनी शंका युघिष्ठिर से पूछती है, "दुर्योधन तो दुष्ट... [पूरी पोस्ट]
writer ramkumar singh
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[27 Dec 2009 11:45 AM]

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