मैं कौन....
मैं आप से मुखातिब होता हूँ तो लगता है कि घर आ गया हूँ। सच भी है मेरे पिता जी कि दो बातें आज मुझे कुछ सोंचने पर मजबूर करती हैं। परिवार तो गाँव की मिट्टी से जूडा ही था लिहाजा घर सें सगुण और निर्गुण बंदिशों की भरमार हुआ करती थी दो हैं आप को बताता हूँ। प...
[पूरी पोस्ट]
Rajiv Ranjan Singh
17
0
0
0
3
[27 Dec 2009 06:56 AM]



Shuffle








